Mindblown: a blog about philosophy.

  • PART- 4

    Q.76. यूस्ट्रेस तथा डिस्ट्रेस में अंतर स्पष्ट करें। Ans ⇒ यूस्ट्रेस (Eustress) और डिस्ट्रेस (Distress) कई मायनों में भिन्न होते हैं। सबसे पहले, यूस्ट्रेस अक्सर एक अल्पकालिक अनुभूति होती है और कुछ है कि हम व्यक्तियों के रूप में नियंत्रित कर सकते हैं। यूस्ट्रेस हमें और परिणाम हाथ में काम करने के लिए ऊर्जा के…

  • PART- 3

  • PART- 7

    Q.85. विच्छेदन से आप क्या समझते हैं ? इसके विभिन्न रूपों का वर्णन कीजिए। Ans ⇒ विचारों और संवेगों के बीच संयोजन विच्छेद का हो जाना ही विच्छेदन कहलाता है। विच्छेदन में अवास्तविकता की भावना, मनमुटाव या विरक्ति, व्यक्तित्व-लोप और कभी-कभी अस्मिता-लोप या परिवर्तन भी पाया जाता है। चेतना में अचानक और अस्थायी परिवर्तन जो…

  • PART- 6

    Q.75.व्यक्तित्व के अध्ययन के प्रमुख उपागमों की व्याख्या कीजिए। Ans ⇒ व्यक्तित्व के अध्ययन के प्रमुख उपागम निम्न हैं – (i) प्रारूप उपागम – व्यक्ति के प्रेक्षित व्यवहारपरक विशेषताओं के कुछ व्यापक स्वरूपों का पराक्षण कर मानव व्यक्तित्व को समझने का प्रयास करता है। प्रत्येक व्यवहारपरक स्वरूप व्यक्तित्व के किसी एक प्रकार को इंगित करता…

  • PART- 4

  • PART- 3

  • PART- 2

    Q. 16. मनोवृत्ति क्या है ? इसके संघटकों का वर्णन करें। Ans ⇒ समाज मनोविज्ञान में मनोवृत्ति की अनेक परिभाषाएँ दी गई हैं। सचमुच में मनोवृति भावात्मक तत्त्व का एक तंत्र या संगठन होता है। इस तरह से मनोवृत्ति ए० बी० सी० तत्त्वों का एक संगठन होता है। इन तत्त्वों को निम्न रूप से देख…

  • PART- 1

    Q. 1. संप्रेषण को परिभाषित कीजिए। संप्रेषण प्रक्रिया का कौन-सा घटक सबसे त्वपूर्ण है ? अपने उत्तर को प्रासंगिक उदाहरणों से पुष्ट कीजिए। Ans ⇒ संप्रेषण एक सचेतन या अचेतन, साभिप्राय या अनभिप्रेत प्रक्रिया है जिसमें भावनाओं तथा विचारों को, वाचित या अवाचित संदेश के रूप में भेजा, ग्रहण किया और समझा जाता है। श्रवण…

  • PART – 6

    Q. 151. सामाजिक संसाधन क्या होते हैं ? इनके रूपों का उल्लेख कीजिए। Ans ⇒ प्रत्येक समाज में कुछ लोगों के पास धन, सम्पदा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शक्ति जैसे मूल्यवान संसाधन होते हैं जिन्हें सामाजिक संसाधन कहा जाता है। यह सामाजिक संसाधन पूँजी के तीन रूपों में विभाजित किए जा सकते हैं – (i) भौतिक…

  • PART – 5

    Q. 121. भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था से क्या तात्पर्य है ? Ans ⇒ भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाया गया है। इसमें निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों का ही अस्तित्व है। निजी क्षेत्र में छोटे और बड़े दोनों प्रकार के उद्यम सम्मिलित हैं। कृषि, आवास, निर्माण से संबंधित कार्य, उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन आदि…

Got any book recommendations?